Loan Against Mutual Funds कैसे लें? पूरी जानकारी
Mutual Fund Units के बदले लोन लेने की प्रक्रिया, संभावित Loan Amount, LTV, ब्याज और जोखिम को आसान भाषा में समझें।अक्सर जब किसी व्यक्ति को अचानक चिकित्सा संकट, व्यापारिक आवश्यकता या अल्पकालिक नकदी (Emergency Liquidity) की ज़रूरत पड़ती है, तो वह अपने म्यूचुअल फंड्स को समय से पहले बेच (Redeem) देता है।
ऐसा करने से न केवल उसका दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्य (Financial Goal) प्रभावित होता है, बल्कि उस पर कैपिटल गेंस टैक्स (Capital Gains Tax) और एग्जिट लोड (Exit Load) की देनदारी भी आ जाती है।
Loan Against Mutual Funds (LAMF)इस समस्या का एक डिजिटल और सुरक्षित समाधान है।
इसके तहत भारत के प्रमुख बैंक (जैसे SBI, HDFC Bank, ICICI Bank) आपके इक्विटी और डेट म्यूचुअल फंड्स के बदले ओवरड्राफ्ट (OD) लिमिट स्वीकृत करते हैं ।
Mutual Funds पर लोन (LAMF) क्या है?
अपने म्यूचुअल फंड निवेश को बेचे बिना, पात्रता और ऋणदाता की शर्तों के अनुसार उसके बदले लोन या ओवरड्राफ्ट सुविधा प्राप्त करें।
ओवरड्राफ्ट सुविधा
स्वीकृत सीमा के भीतर जरूरत के अनुसार राशि इस्तेमाल कर सकते हैं, यदि उत्पाद में यह सुविधा उपलब्ध हो।
इस्तेमाल की राशि पर ब्याज
ओवरड्राफ्ट में सामान्यतः उपयोग की गई राशि और अवधि के आधार पर ब्याज लगता है। लागू शुल्क और शर्तें जांचें।
निवेश बना रह सकता है
यूनिट्स गिरवी रहने के दौरान निवेश बाजार के जोखिम में रहता है। रिटर्न या डिविडेंड की कोई गारंटी नहीं होती।
LAMF कैसे काम करता है?
ध्यान दें: स्वीकृत लोन राशि फंड के प्रकार, उसकी पात्रता, बाजार मूल्य और ऋणदाता की LTV सीमा पर निर्भर करती है।
⚠️ जरूरी सावधानियां
- म्यूचुअल फंड का बाजार मूल्य घट सकता है।
- मूल्य घटने पर अतिरिक्त मार्जिन या आंशिक भुगतान की मांग हो सकती है।
- भुगतान न करने पर ऋणदाता गिरवी यूनिट्स को भुना सकता है, अनुबंध की शर्तों के अधीन।
- ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस, LTV और अन्य शुल्क पहले जांचें।
मुख्य बात: LAMF आपातकालीन नकदी का एक विकल्प हो सकता है, लेकिन लोन लेने से पहले कुल लागत और निवेश जोखिम समझना जरूरी है।
यह कब उपयोगी हो सकता है?
1.आपातकालीन नकदी की स्थिति में:
जब आपको कुछ दिनों या महीनों के लिए फंड की आवश्यकता हो।
2.पोर्टफोलियो ग्रोथ बरकरार रखने के लिए:
बाजार की तेजी में अपने फंड्स को बेचे बिना पूंजी का लाभ उठाते रहने के लिए।
3.कम लागत पर ऋण प्राप्त करने के लिए:
पर्सनल लोन की तुलना में कम ब्याज दर पर फंड पाने के लिए।
4.टैक्स देनदारी से बचने के लिए:
समय से पहले रिडेम्पशन न करने के कारण एग्जिट लोड और टैक्स की बचत होती है।
पात्रता, दस्तावेज, प्रक्रिया एवं शुल्क नियम (2026)
पात्रता, दस्तावेज, प्रक्रिया एवं शुल्क नियम निम्नलिखित हैं:
1. पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria):
बैंकों एवं NBFCs में ऑनलाइन म्यूचुअल फंड लोन की पात्रता निम्नलिखित शर्तों पर निर्भर करती है :
आयु सीमा:
आवेदक की आयु न्यूनतम 18 वर्ष (ICICI बैंक में 18 से 75 वर्ष) होनी चाहिए।
राष्ट्रीयता व नागरिकता:
केवल निवासी भारतीय व्यक्ति (Resident Individuals) डिजिटल तरीके से आवेदन कर सकते हैं।
(SBI के नियमों के अनुसार अनिवासी भारतीय - NRI ग्राहक ऑनलाइन LAMF के लिए पात्र नहीं हैं)।
खाता एवं RTA विवरण:
आपका बैंक खाता और CAMS / KFintech में पंजीकृत म्यूचुअल फंड फोलियो **सिंगल (Single) नाम** में होना चाहिए।
बैंक खाते और म्यूचुअल फंड फोलियो में PAN नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी समान (Identical) होने अनिवार्य हैं।
जॉइंट (Joint) फोलियो धारकों को बैंक शाखा (Physical Branch) के माध्यम से आवेदन करना होता है।
अनुमोदित म्यूचुअल फंड्स:
आपकी म्यूचुअल फंड स्कीम्स बैंक की अनुमोदित सूची (Approved AMC List) में शामिल होनी चाहिए ।
Mutual Fund Loan 2026: पात्रता, दस्तावेज, प्रक्रिया और शुल्क नियम
म्यूचुअल फंड पर लोन लेने से पहले जानें पात्रता, जरूरी दस्तावेज, CAMS/KFintech फोलियो की शर्तें, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया और संभावित शुल्क।जरूरी दस्तावेज (Required Documents):
📄 LAMF लोन के लिए आवश्यक दस्तावेज
डिजिटल और ऑफलाइन आवेदन के लिए जरूरी जानकारी
| आवेदन का प्रकार | आवश्यक दस्तावेज / प्रक्रिया |
|---|---|
| 💻 डिजिटल / ऑनलाइन |
Paperless प्रक्रिया संभव
नोट: ऑनलाइन प्रक्रिया में भी अतिरिक्त जानकारी या दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। |
| 🏦 ऑफलाइन / शाखा |
|
LAMF की दस्तावेज सूची बैंक, NBFC, म्यूचुअल फंड योजना और आवेदन के तरीके के अनुसार बदल सकती है। आवेदन करने से पहले संबंधित ऋणदाता की आधिकारिक चेकलिस्ट अवश्य जांचें।
Equity और Debt Mutual Funds पर लोन नियम (LTV):
बैंक म्यूचुअल फंड की श्रेणी के अनुसार लोन की अधिकतम सीमा यानी Loan-to-Value (LTV) निर्धारित करते हैं। LTV का अर्थ है कि आपके फंड के कुल नेट एसेट वैल्यू (NAV) के कितने प्रतिशत तक आपको ऋण मिल सकता है।
Equity / Hybrid / ETF Mutual Funds:
LTV Ratio:
NAV का 50% से 70%। (SBI में 50% [63, 73], ICICI में 50-70%])।
न्यूनतम लोन राशि:
₹25,000 (SBI , ICICI [119]) या ₹50,000 (HDFC Bank)।
अधिकतम लोन सीमा (डिजिटल):
SBI में ₹10 लाख (डिजिटल) / ₹20 लाख (शाखा) [63, 71], HDFC Bank व ICICI Bank में ₹20 लाख से ₹1 करोड़ तक।
Debt / FMP Mutual Funds
LTV Ratio:
अधिकतम लोन सीमा:
SBI में ₹5 करोड़ तक, HDFC में ₹1 करोड़ डिजिटल , और ICICI में ऑफ लाइन शाखा के जरिए कोई ऊपरी सीमा नहीं।
Lien Marking (लीन मार्किंग) की प्रक्रिया क्या है?
Lien Marking वह कानूनी और तकनीकी प्रक्रिया है जिसके तहत रजिस्ट्रार एंड ट्रांसफर एजेंट (CAMS या KFintech) आपकी गिरवी रखी गई म्यूचुअल फंड यूनिट्स पर बैंक का दावा (Pledge) दर्ज करता है।
लीन मार्क रहने तक आप उन यूनिट्स को बेच या ट्रांसफर नहीं कर सकते।
लीन मार्किंग की प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल है—ग्राहक नेटबैंकिंग में OTP दर्ज करके CAMS/KFintech को रियल-टाइम सहमति (Real-time Lien Marking) प्रदान करता है।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया (Step-by-Step):
बैंकों के ऑनलाइन पोर्टल या मोबाइल ऐप (जैसे SBI YONO, HDFC NetBanking, ICICI iMobile) से 10 मिनट में लोन पाने की प्रक्रिया:
1.लॉगिन करें:
अपने बैंक के नेटबैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग ऐप में लॉगिन करें।
2.LAMF सेक्शन चुनें:
'Loans' या 'Loans Against Securities' में जाकर "Loan Against Mutual Funds" पर क्लिक करें।
3. पोर्टफोलियो फेच करें:
PAN और पंजीकृत मोबाइल नंबर के जरिए CAMS/KFintech से जुड़े म्यूचुअल फंड फोलियो देखें।
4.यूनिट्स का चयन करें:
जिन म्यूचुअल फंड स्कीम्स को गिरवी रखना चाहते हैं, उनका चयन करें।
5.ऋण राशि की गणना करें:
6.T&C स्वीकारें व OTP दर्ज करें:
नियमों को पढ़कर मोबाइल पर आए OTP को दर्ज करके लीन मार्किंग की सहमति दें।
7.ओवरड्राफ्ट खाता सक्रिय:
सहमति के तुरंत बाद आपके लिए एक ओवरड्राफ्ट (OD) खाता खोल दिया जाता है और लिमिट जारी कर दी जाती है।
बैंक/NBFC की भूमिका:
बैंक एवं नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां (NBFCs) डिपॉजिटरी व RTA (CAMS/KFintech) के साथ सुरक्षित एपीआई (API) इंटीग्रेशन के जरिए ग्राहक के पोर्टफोलियो का मूल्यांकन करती हैं।
वे आरबीआई (RBI) और सेबी (SEBI) के दिशानिर्देशों के तहत लोन लिमिट तय करने, लीन दर्ज करने, ब्याज की गणना करने और लोन चुकता होने पर लीन हटाने का कार्य करती हैं।
ब्याज दरें, फीस एवं अन्य शुल्क (2026 अपडेट):
म्यूचुअल फंड्स पर लोन की ब्याज दरें फ्लोटिंग (Floating) आधार पर होती हैं और बैंक दर बैंक भिन्न हो सकती हैं:
🏦 LAMF ब्याज दर और शुल्क की तुलना
SBI बनाम HDFC Bank बनाम ICICI Bank
| विवरण | SBI | HDFC Bank | ICICI Bank |
|---|---|---|---|
| ब्याज दर (वार्षिक) | 11.50%* | 10.75%–12.50%* | 10.75%–11.75%* |
| प्रोसेसिंग फीस | 0.50% + GST; न्यूनतम/अधिकतम सीमा लागू* | 0.50% तक; न्यूनतम ₹500 और अधिकतम ₹1,500* | लोन राशि का 2.00% तक* |
| वार्षिक नवीनीकरण शुल्क | ₹1,000 + GST* | उत्पाद और शर्तों के अनुसार* | ₹2,500 + GST* |
| प्री-पेमेंट पेनल्टी | शून्य* | शून्य* | शून्य* |
| डिफॉल्ट / पेनल चार्ज | बैंक के लागू नियमों के अनुसार | बैंक के लागू नियमों के अनुसार | ओवरड्रॉन राशि पर 5% प्रति वर्ष* |
- ब्याज दरें लोन उत्पाद, ग्राहक श्रेणी और बैंक की नवीनतम शर्तों के अनुसार बदल सकती हैं।
- SBI की न्यूनतम/अधिकतम प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्कों की सटीक सीमा संबंधित उत्पाद की वर्तमान शुल्क-सूची से जांचें।
- प्री-पेमेंट और पेनल चार्ज की शर्तें लोन समझौते में जरूर पढ़ें।
*ये आंकड़े उपलब्ध कराए गए विवरण पर आधारित हैं, स्वतंत्र रूप से सत्यापित वर्तमान दरें नहीं। आवेदन से पहले संबंधित बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या शाखा से ब्याज दर, GST, शुल्क और लागू शर्तों की पुष्टि करें।
भुगतान और लोन बंद करने की प्रक्रिया (Repayment & Closure):
ओवरड्राफ्ट सुविधा (Overdraft Facility):
इसमें आपको कोई निश्चित EMI नहीं देनी होती [21, 66]। केवल उपयोग की गई राशि पर ही दैनिक आधार पर ब्याज लगता है, जो हर महीने खाते से डेबिट होता है।
मूलधन का भुगतान:
लोन की 12 महीने की अवधि समाप्त होने से पहले आप कभी भी मूलधन (Principal) का आंशिक या पूर्ण भुगतान कर सकते हैं।
लोन बंद करना (Account Closure):
पूरा बकाया ब्याज व मूलधन चुकाने के बाद आप नेटबैंकिंग/ऐप के माध्यम से 'Close Overdraft Account' का अनुरोध कर सकते हैं।
लोन चुकता होते ही RTA द्वारा म्यूचुअल फंड्स से लीन हटा दिया जाता हैं।
तुलना: Loan Against Mutual Funds vs Personal Loan:
LAMF vs Personal Loan (2026)
ब्याज, शुल्क, जोखिम और उपयोगिता की तुलना
| तुलना का आधार | Loan Against Mutual Funds | Personal Loan |
|---|---|---|
| ऋण का प्रकार | सुरक्षित ऋण (Secured Loan) | असुरक्षित ऋण (Unsecured Loan) |
| ब्याज दर (2026)* | 10.75%–12.50% p.a. | 10.00%–15.00%+ p.a. |
| ब्याज की गणना | ओवरड्राफ्ट में सामान्यतः उपयोग की गई राशि और उपयोग की अवधि पर | आमतौर पर बकाया मूलधन पर EMI के अनुसार ब्याज |
| प्रोसेसिंग फीस* | लगभग 0.50%–2.00%, उत्पाद के अनुसार | लगभग 1%–3%, ऋणदाता के अनुसार |
| पूर्व-भुगतान शुल्क | उत्पाद की शर्तें जांचें; शुल्क शून्य हो सकता है | कुछ ऋणों में फोरक्लोजर शुल्क लागू हो सकता है |
| क्रेडिट स्कोर | क्रेडिट स्कोर, आय और गिरवी निवेश सहित कई कारक देखे जा सकते हैं | क्रेडिट स्कोर, आय और पुनर्भुगतान क्षमता महत्वपूर्ण हैं |
| बाजार जोखिम | हां; NAV गिरने पर अतिरिक्त मार्जिन या भुगतान की मांग हो सकती है | लोन पर सीधे म्यूचुअल फंड NAV का जोखिम नहीं |
| किसके लिए उपयोगी? | अल्पकालिक नकदी जरूरत या लचीली ओवरड्राफ्ट सुविधा के लिए | निश्चित राशि और निर्धारित EMI वाली जरूरतों के लिए |
LAMF में म्यूचुअल फंड यूनिट्स गिरवी रहती हैं और बाजार मूल्य घटने पर नुकसान या मार्जिन कॉल का जोखिम हो सकता है। Personal Loan में भी ब्याज और शुल्क का बोझ रहता है। ब्याज दरें, प्रोसेसिंग फीस और प्री-पेमेंट नियम बैंक, ग्राहक और उत्पाद के अनुसार बदलते हैं।
*दिए गए ब्याज दर और शुल्क के दायरे उदाहरणात्मक हैं, सभी ऋणदाताओं की सत्यापित वर्तमान दरें नहीं। आवेदन से पहले आधिकारिक शुल्क-सूची और लोन एग्रीमेंट जांचें।
LAMF vs Personal Loan 2026: ब्याज दर, शुल्क और जोखिम की तुलना
Loan Against Mutual Funds (LAMF) और Personal Loan के बीच ब्याज दर, शुल्क, जोखिम, पुनर्भुगतान और उपयोगिता की तुलना करें।आधिकारिक सांख्यिकी डेटा (2026/नवीनतम उपलब्ध डेटा):
ऋण की ब्याज दरें और वित्तीय नियम भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), सेबी (SEBI) एवं AMFI के आधिकारिक दिशानिर्देशों के अधीन हैं।
| बैंक / ऋण | ब्याज दर | दर का संदर्भ |
|---|---|---|
| SBI LAMF | 11.50% p.a. | दिए गए विवरण के अनुसार 1-वर्षीय MCLR + 2.50%; प्रभावी तिथि 01.04.2025 |
| SBI Personal Loan | 10.00% से शुरू | दिए गए विवरण के अनुसार प्रभावी तिथि 15.12.2025 |
| HDFC Bank LAMF | 10.75%–12.50% | दिए गए विवरण के अनुसार वार्षिक ब्याज दर |
| ICICI Bank LAMF | 10.75%–11.75% | दिए गए विवरण के अनुसार वार्षिक ब्याज दर |
Loan Against Mutual Funds Calculator Formula:
म्यूचुअल फंड लोन की संभावित सीमा और मासिक ब्याज का अनुमान लगाने के लिए निम्नलिखित गणना मॉडल का उपयोग करें:
1. स्वीकृत लोन सीमा (Loan Limit)
Loan Amount = Portfolio Value × (LTV % ÷ 100)
उदाहरण: यदि म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो ₹2,00,000 का है और बैंक 50% LTV देता है, तो:
₹2,00,000 × 50% = ₹1,00,000
2. अनुमानित मासिक ब्याज (Monthly Interest)
Monthly Interest = Utilized Amount × Annual Interest Rate ÷ 12 ÷ 100
उदाहरण: यदि आपने ₹50,000 इस्तेमाल किए और वार्षिक ब्याज दर 12% है, तो:
₹50,000 × 12 ÷ 12 ÷ 100 = ₹500 प्रति माह
Loan Against Mutual Funds Calculator:
LAMF Loan Calculator
Mutual Fund पर लोन और ब्याज की गणना
लोन गणना उदाहरण तालिका (Loan Calculation Matrix):
Loan Against Mutual Funds (LAMF)
लोन लिमिट और ब्याज लागत की तुलना
| पोर्टफोलियो मूल्य | फंड श्रेणी | LTV % | स्वीकृत लोन सीमा | उपयोग की गई राशि | वार्षिक ब्याज दर | मासिक ब्याज | 6 महीने का ब्याज |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ₹5,00,000 | Equity MF | 50% | ₹2,50,000 | ₹1,00,000 | 11.50% (SBI) | ₹958.33 | ₹5,750 |
| ₹5,00,000 | Equity MF | 70% | ₹3,50,000 | ₹2,00,000 | 10.75% (ICICI) | ₹1,791.67 | ₹10,750 |
| ₹5,00,000 | Debt MF | 75% | ₹3,75,000 | ₹2,00,000 | 11.50% (SBI) | ₹1,916.67 | ₹11,500 |
| ₹5,00,000 | Debt MF | 80% | ₹4,00,000 | ₹3,00,000 | 10.75% (HDFC/ICICI) | ₹2,687.50 | ₹16,125 |
मोबाइल पर पूरी तालिका देखने के लिए दाएँ-बाएँ स्क्रॉल करें।
यह केवल उदाहरण के लिए की गई गणना है। वास्तविक लोन सीमा, LTV और ब्याज दर बैंक/NBFC, फंड श्रेणी तथा लागू शर्तों पर निर्भर करते हैं। ब्याज की गणना उपयोग की गई राशि पर पूरे महीने और छह महीने तक समान दर मानकर की गई है। अन्य शुल्क शामिल नहीं हैं।
जोखिम और सावधानियां (Risks & Margin Calls):
यद्यपि LAMF एक सुविधाजनक लोन है, लेकिन इसमें निम्नलिखित जोखिम शामिल हैं जिन्हें समझना आवश्यक है:
1.बाजार में गिरावट का जोखिम (Market Volatility Risk):
यदि शेयर बाजार गिरता है और आपके इक्विटी म्यूचुअल फंड की NAV कम हो जाती है, तो आपकी कुल लोन लिमिट घट जाएगी ।
2.मार्जिन कॉल (Margin Call):
यदि बाजार में भारी गिरावट के कारण बकाया लोन राशि आपकी संशोधित लोन लिमिट से अधिक हो जाती है, तो बैंक आपको 'मार्जिन कॉल' नोटिस भेजेगा।
इसमें बैंक आपसे अतिरिक्त म्यूचुअल फंड यूनिट्स गिरवी रखने या अतिरिक्त राशि जमा करके खाता सामान्य करने की मांग करता है।
3.यूनिट्स की जब्ती/बिक्री (Liquidation Risk):
यदि आप निर्धारित समय में मार्जिन शॉर्टफॉल या लोन का भुगतान करने में विफल रहते हैं, तो बैंक के पास गिरवी रखी यूनिट्स को भुनाकर (Encash/Invoke) अपना बकाया वसूलने का कानूनी अधिकार होता है।
4.पात्रता का दायरा:
केवल CAMS/KFintech के साथ पंजीकृत और बैंक की स्वीकृत सूची वाली स्कीम्स पर ही लोन मिलता है।
5.उपयोग पर प्रतिबंध:
आरबीआई नियमों के अनुसार इस लोन राशि का उपयोग सट्टा (Speculation), शेयर बाजार में ट्रेडिंग या अन्य म्यूचुअल फंड स्कीम्स खरीदने के लिए नहीं किया जा सकता।
निष्कर्ष: कब लें और कब बचें?
कब लोन लेना उपयोगी है?
जब आपको अल्पकालिक आपातकालीन नकदी (Short-term liquidity) चाहिए और आप 3 से 12 महीने में लोन चुकता कर सकते हों।
जब बाजार में तेजी हो और आप अपने म्यूचुअल फंड की कम्पाउंडिंग ग्रोथ का लाभ जारी रखना चाहते हो।
जब आप पर्सनल लोन के उच्च ब्याज से बचना चाहते हों।
कब इस लोन से बचना चाहिए?
जब आपको दीर्घकालिक (3-5 साल से अधिक) लोन की आवश्यकता हो, क्योंकि ओवरड्राफ्ट पर वार्षिक नवीनीकरण शुल्क लगता है।
जब शेयर बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव हो और NAV में बड़ी गिरावट का खतरा हो।
यदि आपके पास लोन का ब्याज और मूलधन चुकाने के लिए नियमित आय कास्रोत न हो।
📚 स्रोत (Sources)
FAQ: (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न):
Q1. क्या म्यूचुअल फंड पर लोन लेने के बाद भी SIP जारी रहती है?
उत्तर: हाँ, आपकी चल रही SIP (Systematic Investment Plan) सामान्य रूप से जारी रहती है। लोन केवल आपके द्वारा गिरवी रखी गई मौजूदा यूनिट्स पर दिया जाता है।
Q2. लोन अवधि के दौरान क्या मुझे म्यूचुअल फंड पर डिविडेंड या रिटर्न मिलता रहेगा?
उत्तर: हाँ, गिरवी रखी गई यूनिट्स का स्वामित्व आपके पास ही रहता है। इसलिए फंड की NAV बढ़ने का पूरा लाभ और मिलने वाला डिविडेंड सीधे आपके खाते में जमा होता है।
Q3. क्या मैं स्वीकृत लोन राशि से कम पैसे निकाल सकता हूँ?
उत्तर: बिल्कुल। यह एक ओवरड्राफ्ट सुविधा है। यदि आपकी लोन लिमिट ₹3 लाख स्वीकृत हुई है और आप केवल ₹50,000 निकालते हैं, तो ब्याज केवल ₹50,000 पर ही लगेगा।
Q4. क्या ऑनलाइन LAMF के लिए बैंक शाखा जाना पड़ता है?
उत्तर: नहीं, यदि आपका बैंक खाता और म्यूचुअल फंड फोलियो सिंगल नाम में हैं और PAN/मोबाइल/ईमेल समान हैं, तो पूरी प्रक्रिया 100% ऑनलाइन और पेपरलेस होती है।
Q5. क्या NRI ग्राहक ऑनलाइन म्यूचुअल फंड लोन ले सकते हैं?
उत्तर: नहीं, अधिकांश प्रमुख बैंकों (जैसे SBI) के नियमों के अनुसार NRI ग्राहक ऑनलाइन डिजिटल LAMF के लिए पात्र नहीं हैं ।
Q6. लोन चुकता करने के बाद लीन मार्किंग (Lien Release) कैसे हटती है?
उत्तर: पूरा बकाया चुकाने के बाद आप नेटबैंकिंग या ऐप के माध्यम से 'Lien Removal / Account Closure' का अनुरोध कर सकते हैं। बैंक द्वारा RTA (CAMS/KFintech) को सूचना भेजकर लीन तुरंत हटा दिया जाता है।
आप से सवाल:
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