बैंक अकाउंट में पैसा टिकता क्यों नहीं? असली वजह समझिए

क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि पैसा आता तो है, लेकिन अकाउंट में रुकता नहीं? महीने की शुरुआत में बैलेंस अच्छा दिखता है और महीने के आखिर तक वही बैलेंस सवाल बन जाता है।

बैंक अकाउंट में पैसा


सच यह है कि बैंक अकाउंट में पैसा न टिकने की वजह कम कमाई नहीं,बल्कि कुछ ऐसी आदतें होती हैं जिन्हें हम नजरअंदाज कर देते हैं।

वजह है क्या है और उसका समाधान क्या है?

सबसे पहली बात यह है की महीने के शुरुआत में अकाउंट में जो बैलेंस होता है उसके खर्च का रोडपैप न होना है। सर्वप्रथम हमें पूरे महीने के खर्च का रोड़मैप तैयार करना होता है। आइए जानते हैं अपने खर्चे के रोडपैप को

वजह 1: बिना प्लान खर्च करना जब खर्च का कोई प्लान नहीं होता:

सबसे पहली वजह है बिना पालन खर्च करना, जो मन आए खरीद लिया कुछ लोग तो बीना आवश्यकता के ही समान खरीदते रहते।

बिना वजह के छोटे छोटे खर्चे बढ़ते बढ़ते महीने के अंत तक बैलेंस की दसा और दिशा दोनों को आउट ऑफ कंट्रोल कर देते हैं, महीने के अंत तक कुछ नहीं बचता।

समाधान:

मासिक बजट ही समाधान है, बजट एक अनुशासन है वित्तीय मामलों का, बजट बनाए महीने भर का। याद रखें आपकी पहली वरीयता बचत है, शौख पूरा करना अंतिम।

वजह 2: जरूरत से ज्यादा Digital Payments

UPI,Cards और ऐप्स ने पूरा वित्तीय अनुशासन ही बिगाड़ कर रख दिया है।

डिजिटल पेमेंट सिस्टम की वजह से हमे खर्चे का पता ही नहीं चलता। पेपर नोट से हमें अपनी जेब की क्षमताओं का एहसास हमेशा होता रहता था।

परंतु इन डिजिटल पेमेंट्स सिस्टम की वजह से खर्चे का मूल्यांकन करना मुश्किल हो गया है।

समाधान: 

हमें दो स्ट्रेटजी अपनानी होगी, पहला अनुमानित खर्चा और बचत को निर्धारित करना होगा। दो एकाउंट होना चाहिए पहला मुख्य खाता जिसमें बचत रहे और दूसरा खर्चे के लिए।

दूसरी स्ट्रेटजी यह है की खर्चे वाले खाता में प्रत्येक दिन का खर्चे का अमाउंट upi lite में रखें और खर्च करें।

वजह 3: फालतू Subscriptions

डिजिटल संसार एक काल्पनिक दुनिया है हम अपने मनोरंजन के लिए डिजिटल गैजेट का इस्तेमाल जरूरत से अधिक कर चुके है।

OTT, Music, Cloud storage, Fitness apps का subsciption जिनमें कई की कोई आवश्यकता ही नहीं होती।कई बार हमें पता भी नहीं होता कि कितने subscriptions चल रहे हैं। एक वजह है।

समाधान:

महीने में एक बार subscription review करें सोचें क्या जरूरी है क्या नहीं एक ही विषय के कई सब्सक्रिप्शन पैसे की बरबादी के अलावा कुछ भी नहीं है। उसे बंद करें

वजह 4: EMI और उधारी का दबाव हर चीज EMI पर लेने से:

कर्ज लेने की आदत ,हमारे बड़े बुजुर्ग कहा करते थे की “ जितनी चादर है, उतनी ही पैर फैलाना चाहिए" को हम भूल ही गए हैं। 

वे वजहों के खर्चों के लिए हम उधारी लेने से भी नहीं कतराते है। इन उधारी की वजह से सैलरी पहले ही बंट जाती है अकाउंट में पैसा टिकता ही नहीं।

क्रेडिट कार्ड और presnal loan की आसानी से उपलब्धता बड़ी वज़ह है उधारी लेने की।

समाधान:

जहां तक संभव हो उधारी लेना ही नहीं चाहिए, अगर लेना भी हो तो ध्यान रहे उधारी आपके आमदनी के ¼ की हिस्से के बराबर हो जिसका पेमेंट आसानी से हो सके।

वजह 5: बचत के लिए अलग अकाउंट न होना

जब: खर्च और बचत एक ही अकाउंट में हो तो

पैसा दिखता रहता है खर्च करने का मन करता है परंतु अलग होने से खर्चे पर कंट्रोल रहता है।

समाधान:

बचत के लिए अलग savings account या FD सैलरी आते ही पैसा शिफ्ट करें। खर्चे के लिए दूसरा अकाउंट या क्रेडिट कार्ड इत्यादि।

वजह 6: अचानक खर्च और Emergency Fund की कमी :

Medical, मशीनरी वस्तुओं का repairs या कोई जरूरी खर्च आते ही अकाउंट खाली करना पड़ सकता है,मजबूरी में उधार लेना पड़ता है 

समाधान:

Emergency Fund बनाएं कम से कम 3 महीने का खर्च इस फंड में होना चाहिए।

वजह 7: Financial Goals न होना:

जब कोई लक्ष्य नहीं होता तब पैसे बेवजह खर्च होता है बचत की जरूरत भी महसूस नहीं होता।

समाधान:

एक फाइनेंशियल गोल बनाए जिसमे कुछ शॉर्ट tern गोल हो तो कुछ लॉन्ग टर्म गोल ।

जैसे लॉन्ग टर्म गोल में :-

एक निश्चित समय में नया घर बनाना, बच्चे की विशेष पढ़ाई की योजना इत्यादि 

Short term गोल्स में:-

 किसी खास ब्रांड की मोबाइल, या कोई विशेष स्थान की यात्रा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. क्या बैंक अकाउंट में पैसा टिकने की आदत बन सकती है?

हाँ, सही planning और discipline से बिल्कुल।

Q2. बचत शुरू करने का सबसे आसान तरीका क्या है?

अलग अकाउंट में automatic saving करना।

निष्कर्ष (Conclusion)

बैंक अकाउंट में पैसा न टिकना किसी एक वजह से नहीं, बल्कि कई छोटी गलतियों का नतीजा होता है।

अगर आप आज से ही इन आदतों में सुधार करते हैं, तो कुछ ही महीनों में आपका बैंक बैलेंस आपको खुद फर्क दिखा देगा।

ध्यान रहे अनुशासित फाइनेंशियल हेल्थ ही आपको जीवनयापन को आसान बनाएगा।

आप बताइए:

आपके अकाउंट से पैसा सबसे ज्यादा कहां खर्च होता है?

क्या आपको लगता है की बचत और खर्चे की समीक्षा करनी चाहिए।अपना उत्तर हमारे कमेंट  बॉक्स में जरूर लिखें, अगर पोस्ट अच्छी लगे तो सबस्क्राइब और शेयर करना न भूलें 

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