EPF और VPF से रिटायरमेंट प्लानिंग
EPF और VPF निवेश कर्मचारियों को रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित वित्तीय आधार प्रदान करते हैं।क्या आपने कभी सोचा है अभी आप कमा रहे हैं, जब आप कार्य मुक्त हो जाएंगे अर्थात सेवा निवृत के पश्चात आप का क्या होगा।
उस सेवा निवृत की प्लानिंग अभी से प्रारंभ करना समझदारी भरा कदम होगा। यह एक स्मार्ट वित्तिय प्रबंधन का हिस्सा है।रिटायरमेंट के लिए बचत आज के समय में सबसे जरूरी है।
अगर आप युवा हैं या मध्य आयु वर्ग में हैं तो EPF और VPF में निवेश करना आपके भविष्य की वित्तीय सुरक्षा की गारंटी होगी।
इस लेख में हम जानेंगे कि EPF और VPF क्या हैं, कैसे काम करते हैं और किस तरह इनसे ज्यादा से ज्यादा लाभ लिया जा सकता है।
Quick Facts: EPF और VPF
- EPF Contribution: कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का 12%
- EPS Contribution: नियोक्ता के 12% में से 8.33%
- VPF Contribution: कर्मचारी बेसिक सैलरी + DA का 100% तक
- Interest Rate: लगभग 8%–8.5% वार्षिक (सरकार द्वारा तय)
EPF (Employees’ Provident Fund) क्या है?
FPF एक भारत सरकार द्वारा कर्मचारी और नियोक्ता के लिए जरूरी रिटायरमेंट सेविंग योजना है। यह उनके लिए है जो किसी संगठित उद्योग में कर्मचारी के रूप में सेवारत है।
ई पी एफ में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का मासिक कंट्रीब्यूशन होता है। इनके कंट्रीब्यूशन पर वार्षिक कंपाउंड ब्याज दर मिलता है।
रिटायरमेंट या नौकरी छोड़ने पर जमा कारपस और ब्याज दर दोनों मिलता है।
वर्तमान नियम के अनुसार:
कर्मचारी का योगदान:
12% सीधे EPF खाते में जमा होता है।
नियोक्ता का योगदान:
कुल 12% होता है, लेकिन इसका विभाजन इस प्रकार होता है:
8.33% → Employees' Pension Scheme (EPS) में जाता है
3.67% → EPF खाते में जाता है।
VPF (Voluntary Provident Fund) क्या है?
VPF, एंप्लॉई प्रोविडेंट फंड का ही एक विस्तृत स्वरूप है जिसमें कर्मचारी अपना कांट्रिब्यूशन में वृद्धि कर सकता है।
ईपीएफ का कंट्रीब्यूशन 12 प्रतिशत से ज्यादा इस में कर्मचारी अपना योगदान बढ़ा सकता है। इसमें ब्याज दर ईपीएफ के ब्याज दर के बराबर ही होता है।
इसमें नियोक्ता का कंट्रीब्यूशन 12 प्रतिशत ही रहता है जैसे ईपीएफ में होता है ।
लाभ :
कर्मचारी अपना योगदान बढ़ा कर अपना कॉरपस बढ़ा सकता है जिसमे सरकार की गारंटी निहित है।
| Feature | EPF | VPF |
|---|---|---|
| Contribution | 12% Mandatory | Optional Extra |
| Employer Contribution | Yes | No |
| Interest Rate | Government Declared | Same as EPF |
EPF और VPF के फायदे:
1 गारंटी रिटर्न:
सरकार की योजना और डेप्थ फंड में निवेश के कारण एक अच्छा और गारंटीड ब्याज दर की संभावना होता है जो रिस्क फ्री है।
वर्तमान में इन योजनाओं के लिए भारत सरकार द्वारा अप्रूव्ड 8-8. 5प्रतिशत तक का ब्याज दर की गारंटी है।
2 टैक्स में छूट
कर्मचारी योगदान के अंतर्गत सेक्शन 80 C का लाभ मिलता है। मैच्योरिटी पर ब्याज दर टैक्स फ्री होती है।
3 लंबे समय के लिए धन बनाना
यह लॉन्ग टर्म धन निवास के लिए योजना है जो कर्मचारी के सेवानिवृत्ति के बाद काम आता है
4 लोन का लाभ
ईपीएफ या बीपीएफ में निवेश को आधार बनाकर आप किसी भी बैंक से लोन भी ले सकते हैं ।
EPF balance पर partial loan / advance लिया जा सकता है।
5. रिटायरमेंट सुरक्षा
ईपीएफ या बीपीएफ में निवेश कर्मचारी को सेवा निवृत्ति के पश्चात सुरक्षा प्रदान करता है।उन जरूरी खर्चों के लिए जो वृद्धा अवस्था में जरूरी हो जाता है ।
रेगुलर सेविंग+ब्याज दर = वित्तीय सुरक्षा वाला भविष्य
योगदान कैसे तय करें?
EPF में मेंडेटरी बेसिक का 12 प्रतिशत+DA+नियोक्ता का 12 प्रतिष्ठा (8.33% पेंशन,3.67% EPF खाता)
VPF कर्मचारी अपनी इच्छा अनुसार योगदान बेसिक का 1%–100% +DA+नियोक्ता का योगदान उपरोक्त EPF के अनुसार
नोट: VPF में योगदान जितना जल्दी हो सके करना चाहिए ज्यादा से ज्यादा कंपाउंड ब्याज दर पाने के लिए।
EPF और VPF में निवेश कैसे करें
EPF - नियोक्ता के द्वारा ऑटोमेटिक
1 ऑटोमैटिक नियोक्ता और कर्मचारी का योगदान कटौती:
ईपीएफ में कर्मचारी और नियोक्ता का योगदान ऑटोमेटिक हो जाता है ।
2 EPF पास बुक:
कर्मचारी और नियोक्ता का योगदान राशि और उस पर मिलने वाले चक्रवृद्धि ब्याज का विवरण ईपीएफ पोर्टल या
Umang ऐप के माध्यम से पासबुक सेक्शन में जा कर प्राप्त कर सकते हैं।
3 updation:
ब्याज दर और बैलेंस वार्षिक आधार पर अपडेट होता है।
EPF Contribution Calculator (Example)
| Basic Salary | Employee Contribution (12%) | Employer EPF (3.67%) | EPS Pension (8.33%) |
|---|---|---|---|
| ₹15,000 | ₹1,800 | ₹551 | ₹1,249 |
| ₹25,000 | ₹3,000 | ₹918 | ₹2,082 |
| ₹50,000 | ₹6,000 | ₹1,835 | ₹4,165 |
VPF – Optional contribution
1. नियोक्ता HR / Payroll से रिक्वेस्ट करें:
VPF के लिए नियोक्ता HR से लिखित अनुरोध करना पड़ता है।
2 एकस्ट्रा योगदान सेटअप
अतिरिक्त कटौती का सेटअप HR के माध्यम से करने का अनुरोध करें।
3अपडेशन
बैलेंस और ब्याज दर ईपीएफ पोर्टल पर चेक करें।
EPF और VPF से withdrawal rules:
1 PARTIAL निकासी:
1. घर का निर्माण या न्यू हाउस खरीदने के लिए निकासी की जा सकती है
2.बच्चों के उच्च शिक्षा के लिए निकासी की जा सकती है
3.मेडिकल इमर्जेंसी पर निकासी की जा सकती है।
4.पेंशन कि राशि तीन वर्ष तक कार्य न मिलने पर निकाल सकते हैं।
5.पूरी निकासी सेवा निवृत 58 से 60 वर्ष होने पर हो सकती है।
निष्कर्ष।
EPF या VPF दोनों ही एक सुरक्षित सरकारी योजना है जो प्राइवेट सेक्टर में कार्यरत कर्मचारी को एक सुरक्षित लांग टर्म सेविंग करने का माध्यम देता है।
इस योजना में जितनी जल्दी आपका योगदान होगा आपकी वित्तीय सुरक्षा उतनी ही मजबूत होगी और आपके कॉरपस की मात्रा उतनी ही अधिक होगी।
VPF में अतिरिक्त नित्य योगदान और चक्रवृद्धि ब्याज के जरिए सेवा निवृत्त तक एक अच्छा खासा कारपस का निर्माण संभव हो जाता है।
स्रोत
विश्वसनीय स्रोत (External Sources)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: VPF योगदान की limit क्या है?
A: कर्मचारी के बेसिक सैलरी + DA के 100% तक VPF में योगदान कर सकते है।
Q2: EPF और VPF में ब्याज पर टैक्स लगता है?
A: Retirement maturity पर tax-free है।
Q3: क्या EPF का transfer possible है?
A: हाँ, नौकरी बदलने पर EPF account easily transfer होता है।
आप से सवाल:
क्या आप VPF में अतरिक्त योगदान करना शुरू कर चुके हैं? अपने अनुभव शेयर करें।


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