जीवन बीमा का तात्पर्य है किसी अप्र्याशित घटना को भरपाई करने हेतु बीमा प्रदाता और बीमित व्यक्ति के बीच होने वाले कॉन्ट्रेक्ट से है। अर्थात जीवन बीमा में बीमा प्रदाता बीमित व्यक्ति को एक गारंटी देता है क्षतिपूर्ति की किसी भी अप्रयक्षित घटना होने पर।
जीवन बीमा उन हर एक व्यक्ति के लिए जरूरी है जिनकी जिंदगी फाइनेंसियल इंस्टेबली से परिपूर्ण है। टर्म इंश्योरेंस तो लगभग सभी नौकरी पेशा वाले व्यक्ति के लिए आवश्यक है।जीवन बीमा का मतलब ही है टर्म इंश्योरेंस ।
जीवन बीमा से लाभ
जीवन बीमा का फाइनेंशियल टर्म में कई लाभ है सबसे बड़ा लाभ है लाइफ कवर अर्थात आपके जाने के बाद भी परिवार को जीवन बीमा प्रदाता द्वार सुरक्षा मिलता है।
जीवन बीमा का दूसरा लाभ है अत्यधिक ब्याज लाभ और टैक्स की बचत।जीवन बीमा चूंकि लंबे अंतराल तक के लिए होता है। अतः सरकार के डेरा टैक्स में छूट प्रदान होता है और अधिक समय के investment होने की वजह से ब्याज भी अपेछकृत अधिक मिलता है।
जीवन बीमा की शुरूवात
जीवन बीमा की शुरुआत का कोई प्रामाणिक जानकारी नहीं है
परन्तु आधुनिक जीवन बीमा की सुरवात1663 में हुआ। उस समय सारे व्यपार समुद्री क्षेत्र द्वारा होता था जिसमें कई खतरे थे।
व्यपारियों ने अपने परिवार के वितिय सुरक्षा प्रदान करने के लिए जीवन बीमा की कॉन्सेप्ट की शुरुआत किया।हलकी जीवन बीमा प्राचीनकाल में भी होता था स्युंक्त परिवार की अवधारणा भी एक बीमा का ही स्वरूप है।
जीवन बीमा के प्रकार
जीवन बीमा वर्तमान में कई स्वरूपों में विद्यमान है प्रमुख प्लान निम्नलिखित है
1 टर्म जीवन बीमा
2 सेविंग प्लान
3 यूनिट लिंक्ड इंसोरेंस प्लान
4 चाइल्ड प्लान
5 रिटायरमेंट प्लान
टर्म जीवन बीमा प्लान
टर्म जीवन बीमा प्लान शुद्ध जीवन बीमा प्लान है जीवन बीमा प्लान की शुरुआत टर्म इंश्योरेन्स प्लान से ही हुआ है।टर्म जीवन बीमा पालन लेने के लिए सबसे जरूरी है व्यक्ति के पास इनकम प्रूफ होना।अर्थात व्यक्ति के पास इनकम का स्रोत हो।दूसरी शर्त है व्यक्ति को स्वास्थ्य होना।
टर्म जीवन बीमा में व्यक्ति को 80 वर्ष तक या इससे ऊपर तक लाइफ कवर होता है।अर्थात इन समयांतराल के भीतर व्यक्ति के मृत्यु होने पर बीमा प्रदाता उनके नमनी को एक मुस्त निर्धारित सम असुर्ड अमाउंट प्रदान करती है।
जीवन बीमा प्राप्त करने हेतु व्यक्ति को नियमित अंतराल पर एक निश्चित रासी प्रीमियम के रूप में बीमा प्रदाता के देना होता है। कम उम्र में टर्म इंश्योरेन्स लेने पर कम प्रीमियम देना पड़ता है। अधिक उम्र होने पर अधिक प्रीमियम देना होता है।
सुझाव
टर्म इंश्योरेन्स एक भविष्य को सुरक्षा प्रदान देने वाला जरूरी इंश्योरेंस है । इसको लाभ या मनी मैनेजमेंट के रूप मे न लें।
सेविंग बीमा प्लान
सेविंग बीमा प्लान जिसको हम sip के नाम से भी जानते है में बीमा लेने वाला व्यक्ति बीमा प्रदाता को छोटी रकम जमा करता है लम्बे समय के लिए।
समय संपत्ति के बाद जिसको मैच्योरिटी के नाम से भी जाना जाता है, बीमा लेने वाले व्यक्ति को एक मोटी रकम ब्याज सहित प्राप्त होती है।
उद्वेश्य
सेविंग जीवन बीमा का उदेश्य है लंबे समय तक सेविंग कर के ज्यादा ब्याज लाभ प्राप्त करना है बीमा में दो तरह के सेविंग प्लान होते है
1 ट्रेडिशनल
2 नॉन ट्रेडीशनल
ट्रेडिशनल(अंडॉर्मेंट प्लान)
ट्रेडिशनल प्लान सेविंग्स और लाइफ इंश्योरंस का मिश्रण है।जिसने पड़ी धारक को जीवन बीमा और सेविंग्स दोनों ही प्राप्त होता है। इस प्लान में कंपनी द्वारा बोनस भी बीमित व्यक्ति को प्रदान कि जाती है।
जीवन बीमा के रूप में बीमा के समय अंतराल में व्यक्ति को मृत्य होने पर व्यक्ति को निर्धारीत सम एश्योर्ड बोनस के साथ दिया जाता है या समय अंतराल पूरा होने के बाद मेचेयोर्टी रासी प्रदान की जाती है बोनस के साथ।
नान ट्रेडिशनल प्लान
इस प्लान में भी समान लाभ जो उपर बताया गया है के जैसा ही है परंतु इस प्लान में बोनस नहीं मिलता
क्या करें क्या ना करें
क्या न करें
सेविंग प्लान लेते समय ब्याज की लालच जैसे बहकावें में न आएं। ध्यान रखें लालच आपकी वित्तीय सेहत को बिगाड़ सकती है।
क्या करें
हमेशा अपनी वित्तीय जरूरतों को सेवा प्रदाता एजेंट को बताएं, अपनी आवश्यकता को ऊपर रखें न कि दावों या लालच में आएं।
यूनिट लिंक्ड इंसुरेंस प्लान
यूनिट लिंक्ड इंसुरांस प्लान इन्वेस्टमेंट और बीमा का मिला जुला रूप है।
यूनिट लिंक्ड प्लान में बीमित व्यक्ति के द्वारा प्रदान की गायी राशि का कुछ भाग बीमा के लिए तथा शेष रशि को बीमित व्यक्ति को रिस्क लेने के क्षमता के आधार पर इक्यूटी ,फंड और govt.fund इत्यादि में इन्वेस्ट कर दी जाती है ।
समय समाप्त होने के बाद मेच्योर्टी को व्यक्ति को प्रदान कर दिया जाता है।
सुझाव
यूनिट लिंक्ड प्लान इक्विटी से लिंक्ड प्लान है इसे सेविंग के रूप में न लें। यह एक हाई प्रॉफिट हाई रिस्क से संबंधित है। पहले पूर्ण जानकारी ले फिर इन्वेस्ट करें।
चाइल्ड प्लान
बच्चों के पढ़ाई की चिंता सभी को रहती है, चाइल्ड प्लान एक तरह से insure करता है की भविष्य में वित्तीय स्थिति कैसी भी हो बच्चे की पढ़ाई जारी रहेगी।
सुझाव
चाइल्ड प्लान बच्चों के पढ़ाई व्यवसाय शादी से संबंधित है। अपनी जरूरत के हिसाब से ही इस इंश्योरेंस को लेना चाहिए।
रिटायरमेंट प्लान
हर व्यक्ति के जीवन में एक ऐसा समय आता है जब वह अपने प्रोफेशन से दूर होता है, रिटायरमेंट प्लान उस समय के लिए है जब आपके कार्य मुक्ति हो जाती है साथ में इनकम भी बंद हो जाता है।
इस इंश्योरेंस में बीमा प्रदाता बीमित व्यक्ति से जो अभी कार्य कर रहा होता है अर्थात जब इनकम अति रहती है छोटी छोटी रकम लेकर एक कॉरपस का निर्माण करता है।
और रिटायरमेंट के बाद कारपस से छोटी छोटी रकम पेंशन के रूप में देता राहत है।
सुझाव
FAQ
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निष्कर्ष :
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