यह हर आम आदमी जो नौकरी पैसा वाला है की प्रमुख समस्या है की salary आते ही खर्च हो जाती है और महीने के अंत तक कुछ नहीं बचता। कारण क्या है? क्या कम पैसा कारण है या हमारी money management की कम जानकारी।
आप अकेले नहीं हैं। ज्यादातर लोग कमाई की कमी से नहीं, बल्कि गलत financial habits की वजह से बचत नहीं कर पाते ।
अच्छी बात यह है कि इन गलतियों को पहचानकर सुधारा जाए, तो बिना सैलरी बढ़ाए भी बचत शुरू की जा सकती है।
आइए जानते हैं की कहां गलती हो रही है और कहां सुधार करना है नीचे दिए गए प्रमुख बिंदु पर गौर करें
गलती 1: बचत की अवधारणा से अनभिज्ञता
बचत की अवधारणा हमारे पुरातन संस्कृति का हिस्सा रहा है। भारतीय संस्कृति में यह प्रमुख रहा है की जो हम कमाते है उसे आने वाली पीढ़ी को पास करना होता है।
यह तभी संभव होगा जब हम बचत की जरूरत को जाने और बचत करना सीखें।
अधिकतर लोग सोचते हैं जो बचेगा, वही बचा लेंगे यही सोच सबसे बड़ी गलती है। अगर यह कहा जाए की हम नए नए गैजेट के पीछे इतने उतावले हैं की हमारी फाइनेंशियल कंडीशन क्या है ध्यान ही नहीं रहता है।
सही तरीका:
सैलरी आते ही पहले बचत अलग करें और उसे सही जगह पर पार्क करें,फिर खर्च को प्लान करें ।
याद रखें आपकी अर्निंग सीमित है अतः खर्चा भी कंट्रोल्ड हो और बचत भी हो।
गलती 2: बजट न बनाना
बिना बजट के पैसा संभालना मुश्किल है। देश हो, परिवार हो या अकेले आप बजट फाइनेंस का एक ऐसा टूल है जो भविष्य और वर्तमान को जोड़ता है। बिना बजट बनाए खर्च का अंदाज़ा नहीं होता फालतू खर्च बढ़ जाता है बचत अपने आप गायब हो जाती है
समाधान:
मासिक बजट बनाना इस समस्या का एक कारगर उपाय है।मासिक बजट बनाएं,50 प्रतिशत हिस्सा जरूरी खर्चे के लिए,30 प्रतिशत हिस्सा शौक के लिए, 20 प्रतिशत हिस्सा बचत में लगने नियम का नियम अपनाएं।
गलती 3: जरूरत और इच्छा में फर्क न करना
माध्यम वर्ग या नौकरी पेशा वाले लोगों की सबसे बड़ी समस्या यह है की उन्हें जरूरत और इच्छाओं में अन्तर महशूस नहीं होता हर चीज जरूरी लगती है। क्या है जरूरत और क्या है इच्छाएं जाने
जरूरत:
1 राशन का खर्चा
2 आवागमन पर खर्च
3 बच्चे की फीस
4 बिजली, गैस कनेक्शन और फोन इत्यादि का बिल
इच्छाएं
1 बाहर रेस्टोरेंट इत्यादि जा कर खाना
2 अनावश्यक shopping
3 हर नया gadget खरीदना
4 शो ऑफ करना
5 ओटीटी सब्सक्रिप्शन
समाधान:
जरूरत और शौक के बारे मे बिल्कुल क्लियर होना और प्रतिशत के हिसाब से खर्चा करना
गलती 4: LOAN और Credit Card का गलत इस्तेमाल
आज कल EMI जैसे शब्द इतना इतना चलन में हो गया है की हर वक्त हर सामान्य व्यक्ति के मुंह से सुनने को मिलता है।EMI पर चीज़ें लेना आसान लगता है, लेकिन धीरे-धीरे, सैलरी का बड़ा हिस्सा EMI में चला जाता है ।
खर्च करते समय EMI आसान लगती है,EMI बिल भरते समय सिरदर्द बचत को तो पूछो ही नहीं।
अब ध्यान क्या रखना है :
EMI सैलरी के 25–3ओ% से ज्यादा न हो,Credit Card से खर्चा करते समय अपने आमदनी का ध्यान।
सारे EMI के बिल को समय पर भरना सबसे जरूरी वरना खर्चा का ग्राफ बढ़ता जाएगा।
गलती 5: खर्च को Track न करना
जब फाइनेंशियल मैनेजमेंट की बात आती हैं तो आम व्यक्ति की समस्या यही होती है की वह अपने खर्चा और बचत को ट्रैक ही नहीं करता।
जब आपको पता ही नहीं होगा कि पैसा कहां जा रहा है, तो बचत कैसे होगी?
समझदारी:
हर वित्तीय गतिविधियों का लेखा जोखा तैयार करें, रोज़ का खर्च लिखें , कहां कौन सा व्यय हो रहा है नोट डाउन करें।
महीने के अंत में खर्चा और बचत का विश्लेषण बहुत ही जरूरी होता है। याद रहे ये analysis वाला tasks लगातार करना है।कई बार छोटे छोटे के खर्च ही बड़ा नुकसान करते हैं।
गलती 6: बुरे वक्त के लिए फंड न बनाना
अचानक होने वाले खर्च लोगों को परेशान कर देत है। यह खर्च आने पर लोग उधार लेते हैं Credit Card इस्तेमाल करते हैं EMI में फंस जाते हैं ।
समाधान:
गलती 7: “मेरी सैलरी कम है” सोच रखना
जब बचत की बात आती है , तो सबसे वायरल उत्तर होता है की हमारी सैलरी कम है याद रखें सैलरी होना समस्या नहीं है, बिना प्लानिंग खर्च करना समस्या है।
एक छोटी सी रकम से भी बचत शुरू की जा सकती है छोटी रकम से बड़ी आदत बनती है
बचत शुरू करने के आसान उपाय
सैलरी एकाउंट और बचत अकाउंट दोनों को अलग रखें सैलरी आते ही बचत खाते में बचत की रकम ट्रांसफर।
चाहे तो सैलरी to सेविंग खाता को ऑटो-पे मोड पर डाल सकते हैं। यह तरीका बड़ा कारगार होगा।
दूसरा कार्य यह करना है की unnecessary खर्च में कटौती करें, छोटे वित्तीय goals बनाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या सैलरी बढ़ाए बिना भी बचत संभव है?
हाँ, सही planning से बिल्कुल संभव है।
Q2. बचत की आदत बनने में कितना समय लगता है?
लगभग 2–3 महीने में यह आदत बन जाती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
बचत न होना आपकी कमाई की गलती नहीं है, बल्कि कुछ आदतों की गलतीहै।अगर आप ऊपर बताई गई गलतियों में से 3–4 भी सुधार लेते हैं, तो अगले कुछ महीनों में फर्क साफ दिखेगा।
गौर करने वाली बात यह है की बचत की समस्या केवल नौकरी पैसा वालों को होती है व्यापार करने वालों की नहीं। क्यों? विचार कीजिए।
आप बताइए:
आप कौन सी गलती करते हैं और अब आपको क्या सुधार करना है।
आगे आने वाला
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